जयपुर (ओएनएस) फारवर्ड ब्लाक के स्टेट जनरल सेक्रेटरी हीराचंद जैन ने समाचार पत्रों में छपे नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल के उस बयान का पुरजोर शब्दों में खण्डन किया है, जिसमें उन्होंने जयपुर नगर निगम और जेडीए क्षेत्र में हो रहे गैर कानूनी अवैध निर्माणों की शिकायतों के बारे में अनभिज्ञता जाहिर की है।
फारवर्ड ब्लाक ने नगरीय विकास विभाग के मंत्री शांति धारीवाल का ध्यान नगरीय विकास, आवास एवं स्वायत्त शासन विभाग के परिपत्र क्रमांक प.10 (54) नविवि/3/2005 पार्ट दिनांक 13 जून, 2012 की ओर आकर्षित कराया है, जिसमें विभाग के प्रमुख शासन सचिव गुरदयाल सिंह संधु ने साफ-साफ लिखा है कि ऐसा देखा गया है कि राज्य सरकार व माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद कई स्थानों पर आवासीय भूखण्डों/परिसरों में अनाधिकृत तौर पर गैर आवासीय परियोजनाऐं निर्मित/संचालित की जा रही है, जिसके कारण भविष्य में स्थानीय निवासियों को अधिक असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। इससे साफ जाहिर हो जाता है कि धारीवाल साहब और उनके विभाग के प्रमुख शासन सचिव को अवैध निर्माणों के बारे में साफ-साफ जानकारी है।
यही नहीं पत्र में विभाग के प्रमुख शासन सचिव गुरूदयाल सिंह संधु ने भवन निर्माण की अनुमति का उलंघन करने पर स्पष्ट कार्यवाही के निर्देश भी दिये हैं। जिस पर जयपुर नगर निगम की मेयर ज्योति खण्डेलवाल, पूर्व सीईओ लोकनाथ सोनी, वर्तमान सीईओ जगरूप सिंह यादव जानबूझ कर कार्यवाही करने से बचते रहे हैं और अभी भी उनकी मंशा अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्यवाही करने की नहीं है।
फारवर्ड ब्लाक के स्टेट जनरल सेक्रेटरी हीराचंद जैन ने आरोप लगाया है कि अकेले विद्याधर नगर जोन, सिविल लाईन जोन, हवामहला जोन पश्चिम, मोतीडूंगरी जोन एवं हवामहल जोन पूर्व में दो सौ से ज्यादा गैरकानूनी अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों का रेकार्ड उपलब्ध है, जिनमें खुद नगर निगम के अफसरों ने निर्माणों को पूरी तरह से गैरकानूनी और अवैध मानते हुए स्थापित कानूनों एवं नियमों के तहत सख्त कार्यवाही के योग्य माना है, लेकिन उन पर कार्यवाही नहीं हो रही है। आखीर उसके पीछे कारण क्या है?
कामरेड़ हीराचंद जैन ने नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल को चुनौती दी है कि वे स्वंय, उनके विभाग के प्रमुख शासन सचिव गुरूदयाल सिंह संधु, जयपुर नगर निगम की मेयर ज्योति खण्डेलवाल, वर्तमान सीईओ जगरूप सिंह यादव, इनसे पूर्व रहे मुख्य कार्यकारी अधिकारी लोकनाथ सोनी, डिप्टी मेयर मनीष पारीक के साथ अपने घर और दफ्तर से निकलें और फारवर्ड ब्लाक के कार्यकर्ताओं के साथ जयपुर नगर निगम में जोन वाइज घूम-घूम कर दो सौ से ज्यादा गैरकानूनी अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों का मुआयना कर उनके ध्वस्तीकरण की कार्यवाही को अंजाम दें।
फारवर्ड ब्लाक ने स्पष्ट आरोप लगाया है कि खुद नगरीय विकास मंत्री के मौखिक निर्देशों पर हवामहल जोन पूर्व में सीजन किये गये अवैध रूप से बनाये गये कॉमर्शियल काम्प्लेक्स की सील सारे कानून कायदों की बखिया उधेड़ कर खोल दी गई।
फारवर्ड ब्लाक ने नगरी विकास मंत्री शांति धारीवाल के इस कथन को कि अवैध निर्माण मामले में सबूत चाहिये, कोरी बकवास बताया है। पार्टी के स्टेट जनरल सेके्रटरी हीराचंद जैन ने धारीवाल से सवाल किया कि जयपुर नगर निगम के अकेले चार दिवासी क्षेत्र में ही एक सौ से ज्यादा अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स खड़े हैं और स्वायत्त शासन विभाग तथा जयपुर नगर निगम में बैठे अफसरों के भ्रष्टाचार की गाथा द्रोपदी के चीर की तरह बयान कर रहे हैं, लेकिन हमारे स्वायत्त शासन मंत्री कुम्भकर्णी नींद में अलमस्त बड़बड़ा रहे हैं।
फारवर्ड ब्लाक ने धारीवाल से पूछा है कि वे कब जयपुर नगर निगम क्षेत्र में, खास कर चार दिवारी क्षेत्र में बने अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों का अवलोकन करने के लिये पहुंच रहे हैं, ताकि फारवर्ड ब्लाक के कार्यकर्ता मौके पर ही उन्हें अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों का मौका मुआयना करवा सकें।
फारवर्ड ब्लाक ने नगरीय विकास विभाग के मंत्री शांति धारीवाल का ध्यान नगरीय विकास, आवास एवं स्वायत्त शासन विभाग के परिपत्र क्रमांक प.10 (54) नविवि/3/2005 पार्ट दिनांक 13 जून, 2012 की ओर आकर्षित कराया है, जिसमें विभाग के प्रमुख शासन सचिव गुरदयाल सिंह संधु ने साफ-साफ लिखा है कि ऐसा देखा गया है कि राज्य सरकार व माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद कई स्थानों पर आवासीय भूखण्डों/परिसरों में अनाधिकृत तौर पर गैर आवासीय परियोजनाऐं निर्मित/संचालित की जा रही है, जिसके कारण भविष्य में स्थानीय निवासियों को अधिक असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। इससे साफ जाहिर हो जाता है कि धारीवाल साहब और उनके विभाग के प्रमुख शासन सचिव को अवैध निर्माणों के बारे में साफ-साफ जानकारी है।
यही नहीं पत्र में विभाग के प्रमुख शासन सचिव गुरूदयाल सिंह संधु ने भवन निर्माण की अनुमति का उलंघन करने पर स्पष्ट कार्यवाही के निर्देश भी दिये हैं। जिस पर जयपुर नगर निगम की मेयर ज्योति खण्डेलवाल, पूर्व सीईओ लोकनाथ सोनी, वर्तमान सीईओ जगरूप सिंह यादव जानबूझ कर कार्यवाही करने से बचते रहे हैं और अभी भी उनकी मंशा अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्यवाही करने की नहीं है।
फारवर्ड ब्लाक के स्टेट जनरल सेक्रेटरी हीराचंद जैन ने आरोप लगाया है कि अकेले विद्याधर नगर जोन, सिविल लाईन जोन, हवामहला जोन पश्चिम, मोतीडूंगरी जोन एवं हवामहल जोन पूर्व में दो सौ से ज्यादा गैरकानूनी अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों का रेकार्ड उपलब्ध है, जिनमें खुद नगर निगम के अफसरों ने निर्माणों को पूरी तरह से गैरकानूनी और अवैध मानते हुए स्थापित कानूनों एवं नियमों के तहत सख्त कार्यवाही के योग्य माना है, लेकिन उन पर कार्यवाही नहीं हो रही है। आखीर उसके पीछे कारण क्या है?
कामरेड़ हीराचंद जैन ने नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल को चुनौती दी है कि वे स्वंय, उनके विभाग के प्रमुख शासन सचिव गुरूदयाल सिंह संधु, जयपुर नगर निगम की मेयर ज्योति खण्डेलवाल, वर्तमान सीईओ जगरूप सिंह यादव, इनसे पूर्व रहे मुख्य कार्यकारी अधिकारी लोकनाथ सोनी, डिप्टी मेयर मनीष पारीक के साथ अपने घर और दफ्तर से निकलें और फारवर्ड ब्लाक के कार्यकर्ताओं के साथ जयपुर नगर निगम में जोन वाइज घूम-घूम कर दो सौ से ज्यादा गैरकानूनी अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों का मुआयना कर उनके ध्वस्तीकरण की कार्यवाही को अंजाम दें।
फारवर्ड ब्लाक ने स्पष्ट आरोप लगाया है कि खुद नगरीय विकास मंत्री के मौखिक निर्देशों पर हवामहल जोन पूर्व में सीजन किये गये अवैध रूप से बनाये गये कॉमर्शियल काम्प्लेक्स की सील सारे कानून कायदों की बखिया उधेड़ कर खोल दी गई।
फारवर्ड ब्लाक ने नगरी विकास मंत्री शांति धारीवाल के इस कथन को कि अवैध निर्माण मामले में सबूत चाहिये, कोरी बकवास बताया है। पार्टी के स्टेट जनरल सेके्रटरी हीराचंद जैन ने धारीवाल से सवाल किया कि जयपुर नगर निगम के अकेले चार दिवासी क्षेत्र में ही एक सौ से ज्यादा अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स खड़े हैं और स्वायत्त शासन विभाग तथा जयपुर नगर निगम में बैठे अफसरों के भ्रष्टाचार की गाथा द्रोपदी के चीर की तरह बयान कर रहे हैं, लेकिन हमारे स्वायत्त शासन मंत्री कुम्भकर्णी नींद में अलमस्त बड़बड़ा रहे हैं।
फारवर्ड ब्लाक ने धारीवाल से पूछा है कि वे कब जयपुर नगर निगम क्षेत्र में, खास कर चार दिवारी क्षेत्र में बने अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों का अवलोकन करने के लिये पहुंच रहे हैं, ताकि फारवर्ड ब्लाक के कार्यकर्ता मौके पर ही उन्हें अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों का मौका मुआयना करवा सकें।



