जयपुर (ओएनएस) यूनिक आईडी अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष नंदन निलेकणी ने कहा कि डायरेक्ट कैश ट्रांसफर योजना पूरी तरह ‘आधार’ पर आधारित है।इसमें केंद्र से पैसा आधार नंबर से ही लाभार्थी के खाते में जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि इसमें लाभार्थी के अलावा दूसरा व्यक्ति पैसा नहीं ले पाएगा।
निलेकणी गुरुवार को ओटीएस में कट्स संस्था के कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि डायरेक्ट कैश स्कीम का पैसा लाभार्थी तक पहुंचाने के लिए बिजनेस करेस्पोंडेंट होंगे। इनके पास माइक्रो एटीएम होंगे और इस स्कीम में लाभार्थी को बैंक के चक्कर काटने की भी जरूरत नहीं होगी।
प्रदेश में आधार बनवाने का जोश तो पहिले भी था लेकिन ऐजेन्सियों में अलग अलग प्रक्रियाओं और आवेदन पत्रों की जांच और उसके बाद लम्बी लाइनों के चलते आम अवाम में काफी नाराजगी भी है। बार बार आवेदन पत्र का प्ररूप बदलने, कलक्टर स्तर पर प्रक्रिया और आवेदन की फोटो स्टेट अस्वीकाने या स्वीकारने के आदेशों के चलते आधार केंद्रों पर काफी लागों को परेशानियों का सामना करना पड रहा है इस हेतु कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दिये जा रहे हैं। केंद्रों पर आवेदन पत्र नहीं है तो कुछ केंद्र समय पर नहीं खोले जा रहे हैं, कुछ केंद्र के कर्मचारी तो आवेदन में कमियां ही निकाले देखे जा रहे हैं सामान्य कमियों को पूरा करने के बजाय आधार केंद्र के कर्मचारी आवेदन को काफी चक्कर लगवा रहे हैं। केंद्रों पर लगने वाली लाइने इस ही का नतीजा है। इस पर किसी भी अधिकारी ओर जनप्रतिनिधी ने अपने स्तर पर न तो कोई कार्यवाही की है ना ही करना चाहते हैं। अवाम है कि परेशान और हेरान है अपने जनप्रतिनिधियों ओर आधार कर्ताधार्ताओं पर।
निलेकणी गुरुवार को ओटीएस में कट्स संस्था के कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि डायरेक्ट कैश स्कीम का पैसा लाभार्थी तक पहुंचाने के लिए बिजनेस करेस्पोंडेंट होंगे। इनके पास माइक्रो एटीएम होंगे और इस स्कीम में लाभार्थी को बैंक के चक्कर काटने की भी जरूरत नहीं होगी।
प्रदेश में आधार बनवाने का जोश तो पहिले भी था लेकिन ऐजेन्सियों में अलग अलग प्रक्रियाओं और आवेदन पत्रों की जांच और उसके बाद लम्बी लाइनों के चलते आम अवाम में काफी नाराजगी भी है। बार बार आवेदन पत्र का प्ररूप बदलने, कलक्टर स्तर पर प्रक्रिया और आवेदन की फोटो स्टेट अस्वीकाने या स्वीकारने के आदेशों के चलते आधार केंद्रों पर काफी लागों को परेशानियों का सामना करना पड रहा है इस हेतु कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दिये जा रहे हैं। केंद्रों पर आवेदन पत्र नहीं है तो कुछ केंद्र समय पर नहीं खोले जा रहे हैं, कुछ केंद्र के कर्मचारी तो आवेदन में कमियां ही निकाले देखे जा रहे हैं सामान्य कमियों को पूरा करने के बजाय आधार केंद्र के कर्मचारी आवेदन को काफी चक्कर लगवा रहे हैं। केंद्रों पर लगने वाली लाइने इस ही का नतीजा है। इस पर किसी भी अधिकारी ओर जनप्रतिनिधी ने अपने स्तर पर न तो कोई कार्यवाही की है ना ही करना चाहते हैं। अवाम है कि परेशान और हेरान है अपने जनप्रतिनिधियों ओर आधार कर्ताधार्ताओं पर।



