पूरे देश के मीडिया में आक्रोश की एक लहर चलती नजर आ रही है, जिसमें बताया जा रहा है कि देश में एक जवान का सिर काट कर पाकिस्तानी फौज के जवान ले गये और हमारे देश के कर्णधार सिर्फ शापा (शोक अभिव्यक्ति) करते नजर आ रहे हैं।
सवाल उठता है कि मध्यप्रदेश के मथुरा जिले के जिस जवान लांस नायक हेमराज का सिर काट कर पाकिस्तानी ले गये बताया जा रहा है, उसके धड़ का अन्तिम संस्कार किन धार्मिक, सामाजिक परम्पराओं के आधीन और क्यों किया गया? इस भारतीय जवान के धड़ के हुए अन्तिम संस्कार में सेना और सिविल प्रशासन के आला अफसर और मंत्री शामिल क्यों नहीं हुए?
एक अहम सवाल यह भी उठता है कि क्या केेंद्र की डॉ.मनमोहन सिंह की सरकार ने यह मानते हुए कि जवान का सिर मिलना मुश्किल है, सिर्फ धड़ का अंतिम संस्कार करवाया! या फिर इस जवान की नृशंस हत्या के पीछे ओर भी गहरा राज छिपा हुआ है। कुल मिला कर एक बात साफ है कि धार्मिक-सामाजिक मान्यताओं के साथ-साथ राष्ट्रीय अस्मिता को ठेस पहुंचा कर गैर जुम्मेदारान तरीके से जवान के धड़ का अंतिम संस्कार केंद्रीय व राज्य सरकार तथा सेना के नुमाइन्दों की गैर मौजूदगी में किया गया वह अत्यन्त गैर जुम्मेदारान और निन्दनीय है।
हमारे दो जवान मारे गये! केंद्र ओर राज्य सरकारें इन जवानों के पीडि़त परिवारों को मुआवजा देगी और दबाव में आकर उन्हें तमंगे भी देगी। यह सब अवाम की गाढे पसीने की कमाई से दिया जायेगा। किसी राजनेता की जेब से एक फूटी कौडी भी खर्च नहीं होगी। दो जवान मारे गये, वे अवाम के हिस्सा रहे। उनके पीडि़त परिवारों को मुआवजा भी अवाम की गाढी पसीने की कमाई से दिये जायेंगे, लेकिन इस जघन्य हत्याकांड के लिये जुम्मेदार सत्ताधीशों और फौजी अफसरों को सजा कौन देगा सरदार डॉ.मनमोहन सिंह जी?
शर्मनाक स्थिति यह है कि देश की सेना के एक जवान का सिर काट कर दुश्मन ले गये और हमारे देश के प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह, रक्षामंत्री ए.के.एन्थोनी, विदेशमंत्री सलमान खुर्शिद को फुरसत ही नहीं मिली, इस जघन्य गम्भीर मामले में कार्यवाही करने की!
आज पूरा देश शर्मिंदा है प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह और सेनाध्यक्ष जनरल विक्रम सिंह की गैर जुम्मेदारान करतूतों पर! हमारे जवान लांस नायक हेमराज का सिर अगर पाकिस्तानी दरिन्दे ले गये हैं तो देर किस बात की है, दुश्मन की मांद में ही घुस कर दुश्मन को मारो! देश के किस नागरिक ने रोका है डॉ.मनमोहन सिंह या सेनाध्यक्ष जनरल विक्रम सिंह को! क्यों ये लोग अपने दडबों में घुसे हैं? क्या हमारी गौरवशाली भारतीय सेना का वही गौरवशाली इतिहास है कि दुश्मन हमारे जवान का सिर काट कर ले जायें और सेनाध्यक्ष सिर्फ टीवी पर अपना चेहरा दिखा कर अपने दायित्वों की इतिश्री समझलें।
हम यहां पाकिस्तान के अन्दरूनी हालात या अमरीका-ईरान या पाकिस्तान-चीन मसलों पर चर्चा नहीं करना चाहेंगे, लेकिन एक बात है कि हमारे जवान लांस नायक हेमराज के सिर से जुडी गुत्थी सुलझानी चाहिये। दूसरे शब्दों में हमें हमारे जवान लांस नायक हेमराज का सिर तत्काल चाहिये किसी भी कीमत पर!
सवाल उठता है कि मध्यप्रदेश के मथुरा जिले के जिस जवान लांस नायक हेमराज का सिर काट कर पाकिस्तानी ले गये बताया जा रहा है, उसके धड़ का अन्तिम संस्कार किन धार्मिक, सामाजिक परम्पराओं के आधीन और क्यों किया गया? इस भारतीय जवान के धड़ के हुए अन्तिम संस्कार में सेना और सिविल प्रशासन के आला अफसर और मंत्री शामिल क्यों नहीं हुए?
एक अहम सवाल यह भी उठता है कि क्या केेंद्र की डॉ.मनमोहन सिंह की सरकार ने यह मानते हुए कि जवान का सिर मिलना मुश्किल है, सिर्फ धड़ का अंतिम संस्कार करवाया! या फिर इस जवान की नृशंस हत्या के पीछे ओर भी गहरा राज छिपा हुआ है। कुल मिला कर एक बात साफ है कि धार्मिक-सामाजिक मान्यताओं के साथ-साथ राष्ट्रीय अस्मिता को ठेस पहुंचा कर गैर जुम्मेदारान तरीके से जवान के धड़ का अंतिम संस्कार केंद्रीय व राज्य सरकार तथा सेना के नुमाइन्दों की गैर मौजूदगी में किया गया वह अत्यन्त गैर जुम्मेदारान और निन्दनीय है।
हमारे दो जवान मारे गये! केंद्र ओर राज्य सरकारें इन जवानों के पीडि़त परिवारों को मुआवजा देगी और दबाव में आकर उन्हें तमंगे भी देगी। यह सब अवाम की गाढे पसीने की कमाई से दिया जायेगा। किसी राजनेता की जेब से एक फूटी कौडी भी खर्च नहीं होगी। दो जवान मारे गये, वे अवाम के हिस्सा रहे। उनके पीडि़त परिवारों को मुआवजा भी अवाम की गाढी पसीने की कमाई से दिये जायेंगे, लेकिन इस जघन्य हत्याकांड के लिये जुम्मेदार सत्ताधीशों और फौजी अफसरों को सजा कौन देगा सरदार डॉ.मनमोहन सिंह जी?
शर्मनाक स्थिति यह है कि देश की सेना के एक जवान का सिर काट कर दुश्मन ले गये और हमारे देश के प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह, रक्षामंत्री ए.के.एन्थोनी, विदेशमंत्री सलमान खुर्शिद को फुरसत ही नहीं मिली, इस जघन्य गम्भीर मामले में कार्यवाही करने की!
आज पूरा देश शर्मिंदा है प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह और सेनाध्यक्ष जनरल विक्रम सिंह की गैर जुम्मेदारान करतूतों पर! हमारे जवान लांस नायक हेमराज का सिर अगर पाकिस्तानी दरिन्दे ले गये हैं तो देर किस बात की है, दुश्मन की मांद में ही घुस कर दुश्मन को मारो! देश के किस नागरिक ने रोका है डॉ.मनमोहन सिंह या सेनाध्यक्ष जनरल विक्रम सिंह को! क्यों ये लोग अपने दडबों में घुसे हैं? क्या हमारी गौरवशाली भारतीय सेना का वही गौरवशाली इतिहास है कि दुश्मन हमारे जवान का सिर काट कर ले जायें और सेनाध्यक्ष सिर्फ टीवी पर अपना चेहरा दिखा कर अपने दायित्वों की इतिश्री समझलें।
हम यहां पाकिस्तान के अन्दरूनी हालात या अमरीका-ईरान या पाकिस्तान-चीन मसलों पर चर्चा नहीं करना चाहेंगे, लेकिन एक बात है कि हमारे जवान लांस नायक हेमराज के सिर से जुडी गुत्थी सुलझानी चाहिये। दूसरे शब्दों में हमें हमारे जवान लांस नायक हेमराज का सिर तत्काल चाहिये किसी भी कीमत पर!



