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जयपुर नगर निगम! -नागनाथ सौं सांपनाथ! सांपनाथ सौं नागनाथ!

जयपुर (ओएनएस) पिछले दिनों जयपुर नगर निगम का लालकोठी स्थित मुख्यालय अफसरों-कर्मचारियों तथा निगम के कांग्रेसी पार्षदों और पार्षदपतियों के बीच घमासान का अखाड़ा बन गया। शिक्षामंत्री बृजकिशोर शर्मा, विधायक प्रताप सिंह खाचरियावास और अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष माहिर आजाद द्वारा बीच बचाव के बाद मामला अभी ठण्डे-ठण्डे शिकवे शिकायतों के दौर में चल रहा है। अफसर-कर्मचारी पार्षदपतियों पर अंकुश लगवाना चाहते हैं वहीं पार्षद सीईओ जगरूप सिंह यादव की नगर निगम से छुट्टी करवाने पर अड़े हैं। मेयर ज्योति खण्डेलवाल और प्रतिपक्ष के नेता पार्षद गुलाब नवी आजाद से भी पार्षद खफा हैं। दर्जनभर पार्षदों ने अपने गिले-शिकवे प्रमाणों के साथ सांसद महेश जोशी को भी सौंपे हैं। आगे क्या होने वाला है या होता है यह तो ऊपरवाला ही जाने लेकिन अवाम की पीड़ा कोई सुनने वाला नहीं है, यह बात साफ हो गई है।
हमने ऑब्जेक्ट के पिछले अंक में इन्ही कालमों में इस ही शीर्षक से विस्तार से जयपुर नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार और बंदरबांट के बारे में लिखा था। भाजपाई और कांग्रेसी पार्षदों और निगम के अफसरों-कर्मचारियों की मिलीभगत से हो रहे गैरकानूनी निर्माणों की झड़ी, जिन्हें मेयर ज्योति खण्डेलवाल, सीईओ तथा निदेशक विधि का वरदहस्त प्राप्त है, में ऊपर की कमाई के बंटवारे और अवाम के फायदे के लिये करवाये जा रहे विकास कार्यों में हो रही कमीशनखोरी में हिस्सेदारी ही हकीकत में इस तरह के हंगामों की पृष्ठभूमि है!
हम कुछ उदाहरण दें तो जयपुर नगर निगम के नेता नागलों की शायद समझ में आये हकीकत! पहला उदाहरण है, विद्याधर नगर जोन क्षेत्र के झूलेलाल पार्क के सामने प्लाट नम्बर 48, 49, 50 में बनाये जा रहे कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों का। क्षेत्र के पार्षद, आयुक्त, राजस्व अधिकारी, कनिष्ठ अभियन्ता सहित जयपुर नगर निगमकर्मियों की गैरजुम्मेदारान हरकतों और जयपुर नगर निगम के मुख्यालय में बैठी मेयर ज्योति खण्डेलवाल, सीईओ और निदेशक विधि की रहनुमाई में झूलेलाल पार्क के सामने विजय लक्ष्मी मार्केट दो और चार के नामकरण के साथ प्लाट नम्बर 48 व 50 में कॉमर्शियल काम्प्लेक्स तैयार हैं। नगर निगम में बैठे नागनाथों, सांपनाथों और अजगरों ने बिल्डर/ठेकेदार से कितना माल वसूला ये तो अब इनसे ही पूछा जाना चाहिये। यही नहीं प्लाट नम्बर 49 पर निर्माणाधीन विजय लक्ष्मी मार्केट तीन के अण्डरग्राउण्ड को तोडऩे पहुंचे जयपुर नगर निगम के अफसरों ने सीमेंट कंकरीट के पिल्लर हटाने की जहमत तक भी नहीं उठाई आखीर क्यों?
एक बात साफ है कि विद्याधर नगर जोन के झूलेलाल पार्क के सामने स्थित प्लाट नम्बर 48 व 50 में बने कॉमर्शियल काम्प्लेक्स विजय लक्ष्मी मार्केट दो और चार के निर्माण के लिये तथा प्लाट नम्बर 49 में निर्माणाधीन कॉमर्शियल काम्प्लेक्स तथा प्लाट नम्बर 48, 49, 50 में बनाये गये अण्डरग्राउण्उ और उनमें बनी दुकानों के लिये जयपुर नगर निगम ने कॉमर्शियल काम्प्लेक्स बनाने के लिये कोई इजाजत तामीर नहीं दी है। हम इन तीनों प्लाटों पर बने तामीरात के फोटोग्राफ भी यहां साया कर रहे हैं, जो इन निर्माणों की असलियत बयां करते हैं।
अब जयपुर नगर निगम की मेयर साहिबा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जगरूप सिंह यादव, निदेशक विधि अशोक सिंह, विद्याधर नगर जोन आयुक्त, राजस्व अधिकारी और कनिष्ठ अभियन्त (भवन) बतायें कि ये गैरकानूनी बिना इजाजत कॉमर्शियल काम्प्लेक्स कैसे बन गये और बनाये जा रहे हैं। कितना लेन-देन हुआ? सारे मामलों में!
इन अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्यवाही नहीं करने के लिये किस मंत्री, सांसद, विधायक या अफसर का दबाव था! हम इस मामले में विस्तार से जायेंगे अगले अंकों में! क्रमश:

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