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धर्म की आड़ में कॉमर्शियल काम्प्लेक्स बनाने पर रोक लगाये जयपुर नगर निगम!

जयपुर (ओएनएस) जयपुर नगर निगम की चार दिवारी क्षेत्र में गैर कानूनी अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स निर्माणकर्ताओं ने अपनी-अपनी करतूतों को छुपाने के लिये भारतीय जनता पार्टी का सहारा लेना शुरू कर दिया है।
पिछले मंगलवार को वार्ड नम्बर 52 में सफाई व्यवस्था के मुद्दे की आड़ लेकर हवामहल जोन पूर्व कार्यालय में जम कर हंगामा किया गया। कहने को तो हंगामा करने वाले लोग भाजपा और उसके युवा मोर्चा के कार्यकर्ता बताये गये हैं, लेकिन इनमें से कई चेहरे ऐसे थे जो वार्ड 52 में ही गैर कानूनी अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स निर्माण में लिप्त हैं। इन अवैध निर्माणकर्ताओं के हुड्दंग में वे भी शामिल थे जो सरकारी जमीन को अनाधिकृत रूप से दबा कर एक मंदिर में बनाये जा रहे कॉमर्शियल काम्प्लेक्स पर अदालत के आदेश से की जा रही ध्वस्तीकरण की कार्यवाही को गैर कानूनी तरीके से रूकवाने के लिये जयपुर नगर निगम के हवामहल जोन पूर्व के आयुक्त एवं अमले पर पुरजोर दबाव बनाने के लिये पहुंचे थे।
वार्ड नम्बर 52 के नागरिकों का साफ-साफ कहना है कि जो लोग वार्ड में सफाई के मामले में नगर निगम के हवामहल जोन पूर्व के दफ्तर पर हुड़दंग करने पहुंचे थे, वे दरअसल वार्ड नम्बर 52 में गैर कानूनी रूप से बनाये जा रहे अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों पर नगर निगम की कार्यवाही रूकवाने के लिये नौटंकी कर रहे हैं। इनका वार्ड की सफाई व अन्य सिविल एमीनिटीज के मामलों में कभी कोई लेना-देना नहीं रहा है।
सूत्र बताते हैं कि कॉमर्शियल काम्प्लेक्स बना रहे लोगों ने धर्म और मंदिर की आड़ लेकर सरकारी जमीन पर ही कब्जा नहीं किया है, वरन पास ही के सौ साल पुराने बालिका सीनियर सैकण्डरी स्कूल की दीवार पर भी अवैध कब्जा कर लिया बताया जाता है।
यही नहीं इस मंदिर पर कब्जा जमाये बैठे लोगों ने मंदिर परिसर से सलग्र कुंए को भी मलवे से भरकर पाट दिया है और अवैध रूप से आगे भी सार्वजनिक जमीन पर कब्जा कर लिया है। जोकि पर्यावरण अधिनियम का भी खुल्लम-खुल्ला उलंघन है।
सूत्र यह भी बताते हैं कि धार्मिक संस्थाओं और मंदिरों की आड़ में बनाये जा रहे कॉमर्शियल स्ट्रक्टचरों पर नगर निगम के अफसर और कारिंदे धर्म स्थल के चलते नियमानुसार कार्यवाही नहीं करते हैं, नतीजन मंदिरों पर गैरकानूनी रूप से कब्जा जमा कर बैठे लोगोंं के हौंसले बुलंद होते जा रहे हैं।
सूत्र बताते हैं कि इन दबंगों से पीडि़त क्षेत्र के नागरिक ऐसे मंदिरों और धर्मस्थलों, जिनका व्यवसायिक कार्यों के लिये गैरकानूनी उपयोग किया जा रहा है और जिसकी वजह से क्षेत्र की कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बिगडऩे की गुंजाइश है, उन मंदिरों और धर्मस्थलों का वैधानिक रूप से देवस्थान विभाग द्वारा अधिगृहण करने अथवा रेवेन्य एक्ट की धारा 151 के तहत कार्यवाही हेतु विभिन्न स्तरों पर विस्तार से विचार विमर्श एवं कानूनी सलाह के दौर में है। कुछ मामलों में तो न्यायिक प्रक्रिया शुरू भी हो गई है।
उधर अवाम में भाजपा और कांग्रेस के प्रति भी गहरी नाराजगी पनप रही है। अवाम का मानना है कि क्षेत्र में इन पार्टियों के मौजूदा पार्षद-पार्षदपति और पूर्व पार्षद तथा छुटभैय्या नेताओं की इलाके में गैरकानूनी रूप से बनाये जा रहे अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों के बिल्डरों और ठेकेदारों से मोटे लेनदेन के चलते गहरी सांठ-गांठ है और इस ही लिये उन्हें प्रश्रय देते हैं।
हम उजागर करेंगे ऐसे बिल्डरों और ठेकेदारों और मंदिरों-धर्मस्थलों पर कब्जा कर गैरकानूनी कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों/स्ट्रेक्चरों के निर्माण करने वालों को। उठायेंगे उनके चेहरे से नकाब और उजागर करेंगे उनके असली चेहरे। क्रमश:

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