लखनऊ (ओएनएस) अखिलेश सरकार ने परम्परागत रिक्शे को समाप्त कर रिक्शा चालकों को मुफ्त में मोटर चलित अत्याधुनिक रिक्शा देने का ट्रायल शनिवार को शुरू कर दिया। समाजवादी विचारधारा का सिर शर्म से न झुके इसके लिए और चुनावी वादे को पूरा करने के लिये सपा सरकार ने राज्य के लगभग 2.48 लाख रिक्शा चालकों को बिल्कुल मुफ्त में बेहतरीन मोटर रिक्शा देगी।
कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर आयोजित रिक्शा चालकों को बैटरी व मोटर चलित अत्याधुनिक रिक्शा मुफ्त देने के ट्रायलके शुभारम्भ कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि योजना के तहत तकनीकी रूप से सबसे अच्छा मोटर रिक्शा ही रिक्शा चालकों को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने चुनाव में जनता से किए गए वादों को अक्षरश: लागू करने का संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी दल ने गरीब रिक्शा चालकों को मुद्दा नहीं बनाया है। यादव ने योजना को समाजवादी सोच का नतीजा बताते हुए कहा कि दूसरे राज्य भी इसे लागू करने को बाध्य होंगे। रिक्शा चालक अत्यन्त गरीब होते हैं और अधिकाश रिक्शा चालक जीवनभर रिक्शा चलाने के बावजूद रिक्शे के मालिक नहीं बन पाते हैं। किराए के रिक्शों को ही चलाते रहते हैं। गरीब होने के कारण उनकी कमाई भरण-पोषण में ही समाप्त हो जाती है।
इस मौके पर सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने राज्य सरकार की प्रशसा करते हुए इसे गरीबों के लिए एक अच्छी योजना बताया। डा राम मनोहर लोहिया के कथन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि डाक्टर लोहिया, आदमी द्वारा आदमी को खींचे जाने की इस व्यवस्था को अत्यन्त घृणित मानते थे इसलिए वे कभी रिक्शे पर नहीं बैठे। सरकार की इस योजना को महत्वपूर्ण व चमत्कारी बताते हुए उन्होंने कहा कि इसे हर हाल में लागू किया जाए ताकि दूसरे राज्य भी इसका अनुसरण करने को बाध्य हों।
इस अवसर पर राज्य के नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन मंत्री मोहम्मद आजम खां ने कहा कि 13 कंपनियों के विभिन्न माडल के 24 मोटर चलित रिक्शों को परीक्षण के लिए आज रिक्शा चालकों को दिया जा रहा है। ज्ञातव्य रहे कि एक रिक्शे की कीमत 55 हजार से 97 हजार रुपये तक की है। एक माह बाद रिक्शा चालकों के फीडबैक तथा तकनीकी समिति की सिफारिशों के आधार पर अच्छी बैटरी व मोटर चलित रिक्शे का चयन कर उसे मुफ्त में प्रदेशभर के नगरीय निकायों में पंजीकृत लगभग 2.48 लाख रिक्शा चालकों को दिया जाएगा। मंत्री ने कहाकि मोटर रिक्शा की तकनीक एवं गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बताया जा रहा है कि रिक्शा उपलब्ध कराने के बाद रिक्शे की मरम्मत की जिम्मेदारी भी राज्य सरकार द्वारा उठाई जाएगी।
कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर आयोजित रिक्शा चालकों को बैटरी व मोटर चलित अत्याधुनिक रिक्शा मुफ्त देने के ट्रायलके शुभारम्भ कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि योजना के तहत तकनीकी रूप से सबसे अच्छा मोटर रिक्शा ही रिक्शा चालकों को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने चुनाव में जनता से किए गए वादों को अक्षरश: लागू करने का संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी दल ने गरीब रिक्शा चालकों को मुद्दा नहीं बनाया है। यादव ने योजना को समाजवादी सोच का नतीजा बताते हुए कहा कि दूसरे राज्य भी इसे लागू करने को बाध्य होंगे। रिक्शा चालक अत्यन्त गरीब होते हैं और अधिकाश रिक्शा चालक जीवनभर रिक्शा चलाने के बावजूद रिक्शे के मालिक नहीं बन पाते हैं। किराए के रिक्शों को ही चलाते रहते हैं। गरीब होने के कारण उनकी कमाई भरण-पोषण में ही समाप्त हो जाती है।
इस मौके पर सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने राज्य सरकार की प्रशसा करते हुए इसे गरीबों के लिए एक अच्छी योजना बताया। डा राम मनोहर लोहिया के कथन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि डाक्टर लोहिया, आदमी द्वारा आदमी को खींचे जाने की इस व्यवस्था को अत्यन्त घृणित मानते थे इसलिए वे कभी रिक्शे पर नहीं बैठे। सरकार की इस योजना को महत्वपूर्ण व चमत्कारी बताते हुए उन्होंने कहा कि इसे हर हाल में लागू किया जाए ताकि दूसरे राज्य भी इसका अनुसरण करने को बाध्य हों।
इस अवसर पर राज्य के नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन मंत्री मोहम्मद आजम खां ने कहा कि 13 कंपनियों के विभिन्न माडल के 24 मोटर चलित रिक्शों को परीक्षण के लिए आज रिक्शा चालकों को दिया जा रहा है। ज्ञातव्य रहे कि एक रिक्शे की कीमत 55 हजार से 97 हजार रुपये तक की है। एक माह बाद रिक्शा चालकों के फीडबैक तथा तकनीकी समिति की सिफारिशों के आधार पर अच्छी बैटरी व मोटर चलित रिक्शे का चयन कर उसे मुफ्त में प्रदेशभर के नगरीय निकायों में पंजीकृत लगभग 2.48 लाख रिक्शा चालकों को दिया जाएगा। मंत्री ने कहाकि मोटर रिक्शा की तकनीक एवं गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बताया जा रहा है कि रिक्शा उपलब्ध कराने के बाद रिक्शे की मरम्मत की जिम्मेदारी भी राज्य सरकार द्वारा उठाई जाएगी।



