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एक बिल्डर, तीन अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स, लेकिन जयपुर नगर निगम बेखबर!

जयपुर (ओएनएस) जयपुर नगर निगम की मेयर ज्योति खण्डेलवाल, सीईओ जगरूप सिंह यादव निगम के विद्याधर नगर जोन के कनिष्ठ अभियन्ता दारासिंह एवं राजस्व अधिकारी की सरपरस्ती में एक ही बिल्डर के एक साथ तीन अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों में से दो तो बन कर तैयार भी हो गये हैं और तीसरा निर्माणाधीन है। लेकिन लगता है कि जयपुर नगर निगम प्रशासन सन्नीपात में अकड़ा-जकड़ा तमाशा देख रहा है या फिर मोटी रकम के लेनदेन के चलते नगर निगम के चुनिन्दा जनप्रतिनिधियों, अफसरों और कारिन्दों की रहनुमाई में अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों का निर्माण तेज गति से चल रहा है।
जयपुर नगर निगम के विद्याधर नगर जोन क्षेत्र के नाहरी का नाका, पावर हाऊस रोड़ पर झूलेलाल पार्क के सामने स्थित प्लाट नम्बर 48, 49 तथा 50 में से निगम की मेयर ज्योति खण्डेलवाल और तत्कालीन सीईओ लोकनाथ सोनी तथा वर्तमान सीईओ जगरूप सिंह यादव की रहनुमाई में प्लाट नम्बर 48 एवं 50 में अवैध रूप से अण्डरग्राउण्ड कन्स्ट्रक्शन के साथ अवैध रूप से निर्मित कॉमर्शियल बन कर तैयार हो गये हैं, वहीं इन दोनों प्लाटों के बीच स्थित प्लाट नम्बर 49 में भी अवैध रूप से बनाये जा रहे कॉमर्शियल काम्प्लेक्स के अण्डरग्राउण्ड को ध्वस्त करने के स्पष्ट आदेशों के बावजूद विद्याधर नगर जोन के कनिष्ठ अभियन्ता दारासिंह की मिलीभगत से प्लाट नम्बर 49 में अवैध रूप से बन रहे अण्डरग्राउण्ड को नहीं तोड़ा गया। मात्र कुछ ईंटें हटाकर मामले को रफादफा करने की कोशिश मात्र की गई।
ऑब्जेक्ट ने अपने 01 नवम्बर, 2012 के अंक में विस्तार से विद्याधर नगर जोन में बन चुके या बन रहे प्लाट नम्बर 48, 49 और 50 में बन रहे इन अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों के बारे में विस्तार से लिखा था, लेकिन नगर निगम के आला अफसर अपनी जेब गरम कर अवैध निर्माणों को पनाह देते रहे और आज की स्थिति में भी दे रहे हैं।
जयपुर नगर निगम के विद्याधर नगर जोन में उपलब्ध इन तीनों प्लाट नम्बर 48, 49 एवं 50 में निर्मित किये गये और किये जा रहे अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों की पत्रावलियां उजागर करती है कि इन अवैध निर्माणों को अनाह देने में निगम के मेयर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी और जोन स्तर के अफसरों के साथ-साथ निदेशक (विधि) के आधीन वकीलों की फौज होने के बावजूद कोर्ट में जयपुर नगर निगम का पक्ष सही तरीके से नहीं रखा जा रहा है। (पढिये विस्तार से अगले अंकों में) क्रमश:

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