खुलासा करें नरेन्द्र मोदी कि कौन जैन निर्यातक मांस का निर्यात करता है या फिर माफी मांगे!
नई दिल्ली/नोएडा/जयपुर (ओएनएस) गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी खुलासा करें कि उनके कौन-कौन जैन मित्र मांस का निर्यात करते हैं। नरेन्द्र मोदी ने एबीपी न्यूज चैनल के घोषणा पत्र कार्यक्रम में किये गये अपने साक्षात्कार में कहा था कि उनके कुछ जैन मित्र मांस के निर्यात व्यवसाय में सलग्र हैं।
ऑल इण्डिया फारवर्ड ब्लाक के राजस्थान स्टेट जनरल सेक्रेटरी और खरतरगच्छ जन चेतन मंच के प्रमुख कार्यकारी कार्यकर्ता हीराचंद जैन ने साफ किया है कि मांस का व्यवसाय करने वाला अथवा मांस निर्यात करने वाला काई भी व्यक्ति जैन समुदाय का हिस्सा नहीं हो सकता है।
साथी हीराचंद जैन ने सवाल किया कि जिस तरह से एबीपी न्यूज चैनल पर नेरन्द्र मोदी कत्लखानों पर चर्चा करते हुए हंस कर जैन समुदाय के निर्यातकों का नाम ले रहे थे, उससे साफ जाहिर होता है कि नरेन्द्र मोदी शुद्ध शाकाहारी जैन समुदाय को मांस व्यापार से जोड़ कर बदनाम करना चाहते हैं।
खरतरगच्छ जन चेतना मंच का स्पष्ट कहना है कि जैन समुदाय सत्य और अहिंसा का सदैव हिमायती रहा है और कत्लखानों और पशु-पक्षी हत्याओं का सदैव विरोधी रहा है। महावीर जयन्ती, पाश्र्वनाथ जयन्ती सहित जैन समुदाय के खास-खास पर्वों पर पशुबध निषेध होता है। कत्लखानों पर ताले लटके होते हैं। मंच का आरोप है कि नरेन्द्र मोदी मोदी और आरएसएस द्वारा जैन समुदाय को अपमानित-प्रताडि़त कर उन्हें लोकसभा चुनाव-2014 में भारतीय जनता पार्टी को वोट देने के लिये राष्ट्रीय स्तर पर धमकाया जा रहा है।
फारवर्ड ब्लाक का स्पष्ट मानना है कि नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ भारत के संविधान के तहत देश में स्थापित गणतांत्रिक प्रणाली को ध्वस्त कर अल्पसंख्यक जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय को प्रताडि़त कर देश में नात्सीवादी, सामन्तवादी, हिन्दुत्वादी सत्ता कायम करना चाहते हैं। लेकिन देशभक्त राष्ट्रवादी ताकतें राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ द्वारा अपने अग्रिम संगठन भारतीय जनता पार्टी के जरिये देश में नात्सीवादी, सामन्तवादी, हिन्दू राज कायम नहीं होने देंगे।
खरतरगच्छ जन चेतना मंच के प्रमुख कार्यकारी कार्यकर्ता और फारवर्ड ब्लाक के स्टेट जनरल सेक्रेटरी हीराचंद जैन ने साफ किया है कि पाकिस्तान से शरणार्थी बन कर आये कुछ हिन्दुत्वादियों जोकि अपने आप को जैन समुदाय का सदस्य आरोपित करते हैं तथा जैन समुदाय के कुछ भ्रष्ट, बेईमान पूंजीपतियों, उद्योगपतियों, व्यापारियों और सरमायेदारों तथा उनके पिछलग्गुओं के चलते नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ अपने अन्य अग्रिम संगठनों के साथ मिल कर समग्र जैन समुदाय को परेशान करना चाहते हैं, ताकि जैन समुदाय उनके आगे समर्पण कर दे। लेकिन ऐसा होने वाला नहीं है!
उधर दिल्ली में विश्व जैन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन ने नरेन्द्र मोदी के कत्लखानों से जैन निर्यात व्यवसायियों के जुडऩे सम्बन्धित बयान की कठोर शब्दों में निंदा करते हुए मोदी से जैन मांस निर्यातकों के नामों का खुलासा करने या फिर माफी मांगने की मांग की है।
गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार सहित कई प्रदेशों के जैन संगठनों द्वारा नरेन्द्र मोदी के जैन समुदाय के निर्यातकों के मांस व्यापार से जुडऩे के बयानों पर गम्भीर आपत्ति जताते हुए साफ किया है कि जैन समुदाय में विघटन या ध्रुवीकरण को राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की चालों का वक्त आने पर जैन समुदाय मुंहतोड़ जवाब देगा।
ऑल इण्डिया फारवर्ड ब्लाक के राजस्थान स्टेट जनरल सेक्रेटरी और खरतरगच्छ जन चेतन मंच के प्रमुख कार्यकारी कार्यकर्ता हीराचंद जैन ने साफ किया है कि मांस का व्यवसाय करने वाला अथवा मांस निर्यात करने वाला काई भी व्यक्ति जैन समुदाय का हिस्सा नहीं हो सकता है।
साथी हीराचंद जैन ने सवाल किया कि जिस तरह से एबीपी न्यूज चैनल पर नेरन्द्र मोदी कत्लखानों पर चर्चा करते हुए हंस कर जैन समुदाय के निर्यातकों का नाम ले रहे थे, उससे साफ जाहिर होता है कि नरेन्द्र मोदी शुद्ध शाकाहारी जैन समुदाय को मांस व्यापार से जोड़ कर बदनाम करना चाहते हैं।
खरतरगच्छ जन चेतना मंच का स्पष्ट कहना है कि जैन समुदाय सत्य और अहिंसा का सदैव हिमायती रहा है और कत्लखानों और पशु-पक्षी हत्याओं का सदैव विरोधी रहा है। महावीर जयन्ती, पाश्र्वनाथ जयन्ती सहित जैन समुदाय के खास-खास पर्वों पर पशुबध निषेध होता है। कत्लखानों पर ताले लटके होते हैं। मंच का आरोप है कि नरेन्द्र मोदी मोदी और आरएसएस द्वारा जैन समुदाय को अपमानित-प्रताडि़त कर उन्हें लोकसभा चुनाव-2014 में भारतीय जनता पार्टी को वोट देने के लिये राष्ट्रीय स्तर पर धमकाया जा रहा है।
फारवर्ड ब्लाक का स्पष्ट मानना है कि नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ भारत के संविधान के तहत देश में स्थापित गणतांत्रिक प्रणाली को ध्वस्त कर अल्पसंख्यक जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय को प्रताडि़त कर देश में नात्सीवादी, सामन्तवादी, हिन्दुत्वादी सत्ता कायम करना चाहते हैं। लेकिन देशभक्त राष्ट्रवादी ताकतें राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ द्वारा अपने अग्रिम संगठन भारतीय जनता पार्टी के जरिये देश में नात्सीवादी, सामन्तवादी, हिन्दू राज कायम नहीं होने देंगे।
खरतरगच्छ जन चेतना मंच के प्रमुख कार्यकारी कार्यकर्ता और फारवर्ड ब्लाक के स्टेट जनरल सेक्रेटरी हीराचंद जैन ने साफ किया है कि पाकिस्तान से शरणार्थी बन कर आये कुछ हिन्दुत्वादियों जोकि अपने आप को जैन समुदाय का सदस्य आरोपित करते हैं तथा जैन समुदाय के कुछ भ्रष्ट, बेईमान पूंजीपतियों, उद्योगपतियों, व्यापारियों और सरमायेदारों तथा उनके पिछलग्गुओं के चलते नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ अपने अन्य अग्रिम संगठनों के साथ मिल कर समग्र जैन समुदाय को परेशान करना चाहते हैं, ताकि जैन समुदाय उनके आगे समर्पण कर दे। लेकिन ऐसा होने वाला नहीं है!
उधर दिल्ली में विश्व जैन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन ने नरेन्द्र मोदी के कत्लखानों से जैन निर्यात व्यवसायियों के जुडऩे सम्बन्धित बयान की कठोर शब्दों में निंदा करते हुए मोदी से जैन मांस निर्यातकों के नामों का खुलासा करने या फिर माफी मांगने की मांग की है।
गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार सहित कई प्रदेशों के जैन संगठनों द्वारा नरेन्द्र मोदी के जैन समुदाय के निर्यातकों के मांस व्यापार से जुडऩे के बयानों पर गम्भीर आपत्ति जताते हुए साफ किया है कि जैन समुदाय में विघटन या ध्रुवीकरण को राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की चालों का वक्त आने पर जैन समुदाय मुंहतोड़ जवाब देगा।




































